दिल क्या करे जब किसी से, किसी को प्यार हो जाए जाने कहा कब किसी को, किसी से प्यार हो जाए ऊँची ऊँची दीवारों सी, इस दुनिया की रस्मे ना कुछ तेरे बस में ज्यूली, ना कुछ मेरे बस में जैसे परबत पे, घटा झुकती हैं जैसे सागर से, लहर उठती हैं ऐसे किसी चेहरे पे, निगाह रुकती हैं रोक नहीं सकती नज़रों को दुनिया भर की रस्में आ मैं तेरी याद में, सब को भूला दू दुनिया को तेरी तसवीर बना दू मेरा बस चले तो दिल चीर के दिखा दू दौड़ रहा हैं साथ लहू के, प्यार तेरा नस नस में


