ओ साथी रे, तेरे बीना भी क्या जीना फूलों में, कलियों में, सपनों की गलियों में तेरे बीना कुछ कही ना हर धड़कन में प्यास हैं तेरी, साँसों में तेरी खुशबू है इस धरती से उस अंबर तक, मेरी नजर में तू ही तू है प्यार ये टूटे ना, तू मुझ से रूठे ना साथ ये छूटे, कभी ना तुझ बीन जोगन मेरी राते, तुझ बीन मेरे दिन बंजारे मेरा जीवन जलती धूनी, बुझे बुझे मेरे सपने सारे तेरे बीना मेरी, मेरे बीना तेरी ये जिन्दगी, जिन्दगी ना


