किस का रास्ता देखे, ऐ दिल ऐ सौदाई मीलों हैं खामोशी, बरसों हैं तनहाई भूली दुनियाँ कभी की, तुझे भी, मुझे भी फिर क्यों आँख भर आयी कोई भी साया नहीं राहों में कोई भी आयेगा ना बाहों में तेरे लिए, मेरे लिए कोई नहीं रोनेवाला झूठा भी नाता नहीं चाहों में तू ही क्यों डूबा रहे आहों में कोई किसी संग मरे ऐसा नहीं होनेवाला कोई नहीं जो यूँही जहाँ में बांटे पीर पराई तुझे क्या बीती हुयी रातों से मुझे क्या खोयी हुयी बातों से सेज नहीं चिता सही जो भी मिले सोना होगा गयी जो डोरी छूटी हाथों से लेना क्या टूटे हुए साथों से खुशी जहा माँगी तूने वही मुझे रोना होगा ना कोई तेरा, ना कोई मेरा फिर किस की याद आयी


