समा हैं सुहाना सुहाना, नशे में जहां हैं किसी को किसी की खबर ही कहाँ हैं हर दिल में देखो, मोहब्बत जवान हैं कह रही हैं नजर, नजर से अफसाने हो रहा हैं असर, के जिस को दिल जाने देखो ये दिल की अजब दास्ताँ हैं नजर बोलती है, दिल बेजूबान हैं हो गया हैं मिलन, दिलों का मस्ताना हो गया हैं कोई किसी का दीवाना जहा दिलरुबा है, दिल भी वहा हैं जिसे प्यार कहिये, वही दरमियाँ हैं


