ये जवानी, हैं दीवानी, हां मेरी रानी, रुक जाओ रानी देख ज़रा पीछे मुड के, चली कहाँ ऐसे उड़ के बाते, मुलाकाते, करने की शाम हैं ऐसे में हैं रुठना, दीवानों का काम हैं रूठी, चल झूठी, बस टूटी दोस्ती शिकवा होठों पे, आँखों में प्यार भी मिल के, दिल दिल से, खिल जाता बन के फूल पर तुझ को ना भूली, छोटी सी मेरी भूल


