ऐ फूलों की रानी, बहारों की मलिका
हसरत जयपुरी, शंकर जयकिशन, आरजू (1965)
ऐ नर्गिस-ए-मस्ताना, बस इतनी शिकायत हैं
हसरत जयपुरी, शंकर जयकिशन, आरजू (1965)
आज कल में ढल गया, दिन हुआ तमाम
शंकर जयकिशन, बेटी बेटे
आज की रात मेरे दिल की सलामी ले ले
शकिल बदायुनी, नौशाद, राम और शाम (1967)
आज मौसम बडा बेईमान हैं
आनंद बक्षी, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल, लोफर (1973)
आज पूरानी राहों से, कोई मुझे आवाज ना दे
शकिल बदायुनी, नौशाद, आदमी (1968)
आंचल में सजा लेना कलियाँ
मजरुह सुलतानपुरी, ओ. पी. नय्यर, फिर वही दिल लाया हूँ (1963)
आने से उस के आए बहार
आनंद बक्षी, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल, जीने की राह
आप के हसीन रुख पे आज नया नूर हैं
ओ. पी. नय्यर, बहारें फिर भी आयेंगी (1966)
आप के पहलू में आ कर रो दिए
राजा मेहंदी अली खान, मदन मोहन, मेरा साया (1966)
अब क्या मिसाल दूँ मैं तुम्हारे शबाब की
मजरुह सुलतानपुरी, रोशन, आरती (1962)
अगर बेवफा तुझको पहचान जाते
प्रेम धवन, प्रेम धवन, रात के अंधेरे में (1987)
ऐसे तो ना देखो के हम को नशा हो जाए
सचिनदेव बर्मन, तीन देवियाँ (1965)
अकेला हूँ मैं इस दुनियाँ में
मजरुह सुलतानपुरी, सचिनदेव बर्मन, बात एक रात की (1962)
अकेले हैं चले आओ जहा हो
कल्याणजी आनंदजी, राज


