आ जा, अब तो आ जा
शैलेन्द्र, सी. रामचंद्र, अनारकली (1953)
आ जाओ तडपते हैं अरमां
हसरत जयपुरी, शंकर जयकिशन, आवारा (1951)
आ मेरी जान मैं तुझ में अपनी जान रख दूँ
आनंद बक्षी, शिव हरी, चांदनी (1989)
ऐ मालिक तेरे बंदे हम, ऐसे हो हमारे करम
भरत व्यास, वसंत देसाई, दो आंखे बारह हाथ
आईना वो ही रहता हैं
राहुलदेव बर्मन, शालीमार (1978)
आज दिल पे कोई जोर चलता नहीं
आनंद बक्षी, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल, मिलन (1967)
आज कल पाँव जमींपर नहीं पडते मेरे
गुलजार, राहुलदेव बर्मन, घर (1978)
कांटों से खिंच के ये आंचल, तोड के बंधन बांधी पायल
शैलेन्द्र, सचिनदेव बर्मन, गाईड (1965)
आज सोचा तो आँसू भर आए
कैफी आझमी, मदन मोहन, हंसते जख्म (1973)
आजा पिया तोहे प्यार दूँ
मजरुह सुलतानपुरी, राहुलदेव बर्मन, बहारों के सपने
आ जा रे परदेसी
शैलेन्द्र, सलील चौधरी, मधुमती (1958)
अखियों को रहने दे,अखियों के आसपास
आनंद बक्षी, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल, बॉबी (1973)
आप का खत मिला, आप का शुक्रिया
लक्ष्मीकांत प्यारेलाल, शारदा (1981)
आप मुझे अच्छे लगने लगे
आनंद बक्षी, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल, जीने की राह
आप यूँ फासलों से गुजरते रहे, दिल पे कदमों की आवाज आती रही
जां निसार अख्तर, खय्याम, शंकर हुसेन (1977)


