ऐ काश के हम होश में अब आने ना पाए
जतिन - ललित, कभी हा कभी ना (1994)
आईने के सौ टुकडें कर के हम ने देखे हैं
अनू मलिक, मां (1991)
अब तेरे बीन जी लेंगे हम
समीर, नदीम - श्रावण, आशिकी (1990)
बहोत खुबसुरत गझल लिख रहा हूँ
समीर, आदेश श्रीवास्तव, शिकारी (2000)
चाँद सितारें, फूल और खुशबू, ये तो सारे पूराने हैं
राजेश रोशन, कहो ना प्यार है (2000)
दिल का आलम मैं क्या बताऊँ तुझे
नदीम - श्रावण, आशिकी (1990)
दो दिल मिल रहे हैं मगर छुपके छुपके
आनंद बक्षी, नदीम - श्रावण, परदेस (1997)
एक लडकी को देखा तो ऐसा लगा
जावेद अख्तर, राहुलदेव बर्मन, १९४२ अ लव्ह स्टोरी (1995)
जिस के आने से रंगों में डूब गई हैं शाम
जावेद अख्तर, अनू मलिक, दिलजले (1996)
कथ्थई आँखोंवाली एक लडकी
जावेद अख्तर, अनू मलिक, ड्युप्लिकेट (1998)
कुछ ना कहो, कुछ भी ना कहो
जावेद अख्तर, राहुलदेव बर्मन, १९४२ अ लव्ह स्टोरी (1995)
रुठ ना जाना तुम से कहू तो
जावेद अख्तर, राहुलदेव बर्मन, १९४२ अ लव्ह स्टोरी (1995)
संभाला हैं मैने बहोत अपने दिल को
अनू मलिक, नाराज (1994)
सांसों की जरुरत हैं जैसे, जिंदगी के लिए
समीर, नदीम - श्रावण, आशिकी (1990)
तेरे दर पे सनम चले आए
कातिल शफई, अनू मलिक, फिर तेरी कहानी याद आई (1993)


