आँखों ही आँखों में इशारा हो गया
जां निसार अख्तर, ओ. पी. नय्यर, सी. आय. डी. (1956)
हम आपकी आँखों में, इस दिल को बसा दे तो
साहिर लुधियानवी, सचिनदेव बर्मन, प्यासा (1957)
जाने कहा मेरा जिगर गया जी
मजरुह सुलतानपुरी, ओ. पी. नय्यर, मिस्टर एंड मिसेस ५५ (1955)
सुन, सुन, सुन, जालिमा, प्यार हम को तुम से हो गया
मजरुह सुलतानपुरी, ओ. पी. नय्यर, आर पार (1954)
तुम जो हुए मेरे हमसफर, रस्ते बदल गए
ओ. पी. नय्यर,
उधर तुम हसीं हो, इधर दिल जवां हैं
मजरुह सुलतानपुरी, ओ. पी. नय्यर, मिस्टर एंड मिसेस ५५ (1955)


