आ जा पंछी अकेला हैं
मजरुह सुलतानपुरी, सचिनदेव बर्मन, नौ दो ग्यारह (1957)
आप यूँ ही अगर हमसे मिलते रहे
ओ. पी. नय्यर, एक मुसाफीर एक हसीना (1962)
आप को प्यार छुपाने की बडी आदत हैं
राजा मेहंदी अली खान, मदन मोहन, नीला आकाश (1965)
अभी ना जाओ छोडकर, के दिल अभी भरा नही
साहिर लुधियानवी, जयदेव, हम दोनो (1961)
अच्छा जी मै हारी चलो मान जाओ ना
मजरुह सुलतानपुरी, सचिनदेव बर्मन, काला पानी (1958)
छा गए बादल नील गगनपर
साहिर लुधियानवी, रोशन, चित्रलेखा (1964)
चुरा लिया है, तुम ने जो दिल को
मजरुह सुलतानपुरी, राहुलदेव बर्मन, यादों की बारात (1973)
दीवाना मस्ताना हुआ दिल
मजरुह सुलतानपुरी, सचिनदेव बर्मन, बंबई का बाबू (1960)
देखो कसम से, देखो कसम से
ओ. पी. नय्यर, तुमसा नही देखा (1957)
ढलती जाए रात, कह ले दिल की बात
आनंद बक्षी,
दिवाना हुआ बादल, सावन की घटा छाई
एस. एच. बिहारी, ओ. पी. नय्यर, कश्मिर की कली (1964)
दो घडी वो जो पास आ बैठे
राजेन्द्र कृष्ण, मदन मोहन, गेट वे ओफ इंडिया (1957)
एक परदेसी मेरा दिल ले गया
कमार जलालाबादी, ओ. पी. नय्यर, फागुन (1958)
गुनगुना रहे हैं भँवरें, खिल रही हैं कली कली
आनंद बक्षी, सचिनदेव बर्मन, आराधना (1969)
है अगर दुश्मन जमाना गम नही, गम नही
मजरुह सुलतानपुरी, राहुलदेव बर्मन, हम किसीसे कम नही (1977)


