चेहरा हैं या चाँद खिला हैं, जुल्फ घनेरी शाम हैं क्या
किशोर कुमार, जावेद अख्तर, राहुलदेव बर्मन
सच मेरे यार है, बस वही प्यार है
एस. पी. बालसुब्रमण्यम, जावेद अख्तर, राहुलदेव बर्मन
सागर किनारे दिल ये पूकारे
लता - किशोर, जावेद अख्तर, राहुलदेव बर्मन
सागर किनारे, सांज सवेरे
लता - किशोर, जावेद अख्तर, राहुलदेव बर्मन


