बेचारा दिल क्या करे, सावन जले भादो जले
आशा भोसले, गुलजार, राहुलदेव बर्मन
दो नैनों में आँसू भरे हैं निंदीया कैसे समाए
लता मंगेशकर, गुलजार, राहुलदेव बर्मन
घर जाएगी, तर जाएगी, डोलियाँ चढ़ जाएगी
आशा भोसले, गुलजार, राहुलदेव बर्मन
ओ माझी रे, अपना किनारा नदीयाँ की धारा हैं
किशोर कुमार, गुलजार, राहुलदेव बर्मन


