बाबूजी धीरे चलना, प्यार में जरा संभलना
गीता दत्त, मजरुह सुलतानपुरी, ओ. पी. नय्यर
कभी आर, कभी पार लागा तीर-ए-नजर
शमशाद बेगम, मजरुह सुलतानपुरी, ओ. पी. नय्यर
सुन, सुन, सुन, जालिमा, प्यार हम को तुम से हो गया
गीता दत्त - रफी, मजरुह सुलतानपुरी, ओ. पी. नय्यर



