आप के पहलू में आ कर रो दिए
राजा मेहंदी अली खान, मदन मोहन, मेरा साया (1966)
आप की नजरों ने समझा प्यार के काबिल मुझे
राजा मेहंदी अली खान, मदन मोहन, अनपढ़ (1962)
आप को प्यार छुपाने की बडी आदत हैं
राजा मेहंदी अली खान, मदन मोहन, नीला आकाश (1965)
अगर मुझ से मोहब्बत है, मुझे सब अपने गम दे दो
राजा मेहंदी अली खान, मदन मोहन, आपकी परछाईयाँ (1964)
बदनाम ना हो जाए मोहोब्बत का फसाना
राजा मेहंदी अली खान, गुलाम हैदर, शहीद
छोडकर तेरे प्यार का दामन ये बता दे के हम किधर जाए
राजा मेहंदी अली खान, मदन मोहन, वह कौन थी (1964)
एक हसीन शाम को दिल मेरा खो गया
राजा मेहंदी अली खान, मदन मोहन, दुल्हन एक रात की (1966)
हैं इसी में प्यार की आबरु
राजा मेहंदी अली खान, मदन मोहन, अनपढ़ (1962)
जिया ले गयो जी मोरा सावरीयाँ
राजा मेहंदी अली खान, मदन मोहन, अनपढ़ (1962)
जो हमने दास्तां अपनी सुनायी, आप क्यों रोए
राजा मेहंदी अली खान, मदन मोहन, वह कौन थी (1964)
लग जा गले के फिर ये हसीं रात हो ना हो
राजा मेहंदी अली खान, मदन मोहन, वह कौन थी (1964)
मैं देखू जिस ओर सखी री, सामने मोरे सावरीयाँ
राजा मेहंदी अली खान, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल, अनिता
मैं निगाहें तेरे चेहरे से हटाऊँ कैसे
राजा मेहंदी अली खान, मदन मोहन, आपकी परछाईयाँ (1964)
मै प्यार का राही हूँ, तेरे जुल्फों के साये में
राजा मेहंदी अली खान, ओ. पी. नय्यर, एक मुसाफीर एक हसीना (1962)
मेरा सुंदर सपना बीत गया
राजा मेहंदी अली खान, सचिनदेव बर्मन, दो भाई (1947)


